सऊदी अरब में “शहरी परिवहन एवं रसद प्रणाली” के पेटेंट हेतु राष्ट्रीय प्रक्रिया का अनुपालन
सऊदी अरब के बौद्धिक संपदा कार्यालय (SAIP) द्वारा पेटेंट अटॉर्नी की तरफ से "शहरी परिवहन एवं रसद प्रणाली" नामक प्रौद्योगिकी समाधान के पेटेंट के लिए आविष्कारक दे. त्यागलिन को, 9 अगस्त, 2022 को एक सूचना प्राप्त हुई, जो 28 फरवरी, 2019 को आविष्कार के पेटेंट के लिए दाखिल किए गए आवेदन की मुख्य परीक्षा के आयोजन से संबंधित था।
मुख्य परीक्षा का आयोजन, औपचारिक जाँच, आधिकारिक पेटेंट बुलेटिन में आवेदन की सूचना का प्रकाशन एवं परीक्षा शुल्क के भुगतान के उपरांत किया गया। परीक्षा के परिणामों को सकारात्मक मान्यता प्राप्त हुई। अन्य देशों में पेटेंट कराने के नियमों और तकनीकी समाधानों को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब में “शहरी परिवहन एवं रसद प्रणाली”, जो बहु-स्तरीय शहरी बुनियादी सुविधाओं, आवश्यक संचार प्रणालियों के विकास एवं निर्माण के लिए जरूरी बदलाव लाएगा, के लिए पेटेंट प्राप्त करने की उच्च संभावना है।
वर्तमान में मध्य पूर्व देशों की आर्थिक गतिविधियों के प्रति वैश्विक आकर्षक लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि नवीन समाधानों के कार्यान्वयन के सहारे एवं माँग के अनुरूप यह तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।
सऊदी अरब में 46 ‘प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सहायता केंद्र’ हैं, जो SAIP के सहयोग से बौद्धिक संपदा के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं, तथा आविष्कारकों को उनकी अभिनव क्षमता हासिल करने तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रबंधन एवं संरक्षण की दिशा में मदद कर रहे हैं। इन प्रौद्योगिकी और नवाचार सहायता केंद्रों के निरंतर कार्य और प्रयासों की बदौलत सऊदी अरब में दाखिल किए जा रहे आविष्कारों के आवेदनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।
इसके अलावा, सऊदी अरब की प्रमुख कंपनियां और संस्थान अनुसंधान और विकास (R&D) के क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं, जिसकी बदौलत यह राजशाही देश संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन द्वारा प्रकाशित "उन्नत प्रौद्योगिकी तैयारी सूचकांक" के अनुसार अनुसंधान और विकास (R&D) के क्षेत्र में 156 देशों में से 26 वें स्थान पर पहुँच चुका है।
प्रमुख अनुसंधान और विकास संगठन का एक उदाहरण सऊदी अरामको (Saudi Aramco) कंपनी है, जो 12 तेल और गैस अनुसंधान एवं विकास केंद्रों का वैश्विक नेटवर्क संचालित करता है। Aramco ने अपनी “LAB7”, नवाचार परियोजना भी शुरू की है, जिसका उद्देश्य है, सफलता के नए विचारों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना।
सऊदी मूल उद्योग निगम (SABIC) ने मध्य पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया और पूर्वोत्तर एशिया में पांच अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार केंद्र स्थापित किए हैं।
किंग अब्दुल्ला विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (KAUST) अपने रणनीतिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिए 12 अनुसंधान केंद्र संचालित करता है। KAUST विश्वविद्यालय ने इस क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए हैं: पेटेंट की बड़ी संख्या की बदौलत विश्वविद्यालय ने अपने संकाय और छात्रों के स्वामित्व वाली 35 कंपनियों का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से यह सऊदी अरब के ‘ज्ञान-आधार पारिस्थितिकी तंत्र’ में अतुलनीय योगदान देता है।
किंग फहद पेट्रोलियम और मिनरल विश्वविद्यालय (KFUPM) ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में DTVC Dhahran Techno Valley Company की स्थापना की है, जो ‘ज्ञान-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सऊदी अरब और आस-पास के क्षेत्रों में चल रही इन सभी प्रक्रियाओं एवं अर्थव्यवस्थाओं के विकास एवं सकारात्मक सामाजिक परिणामों की प्राप्ति हेतु SAIP सऊदी अरब की रणनीतिक स्थिति और प्रभाव का सकारात्मक इस्तेमाल इन क्षेत्र में उत्पादों को बढ़ावा देने एवं सकारात्मक समाधान के लिए कर रहा है ।