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@gyanjyot
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क्या होता है कुंडली में कालसर्प दोष? कैसे करे उपाए

कालसर्प दोष हमेशा से ही भाग्य में आई कई कठिनाईयों का कारण रहा है | काल सर्प दोष से बचने एवं निवारण हेतु इसे विस्तार से समझना अति आवश्यक है | ज्योतिष शास्त्रानुसार kundali matching के समय "कालसर्प" दोष राहू का अधिदेवता 'काल' है तथा केतु का अधिदेवता 'सर्प' है। इन दोनों ग्रहों के बीच कुंडली में एक तरफ सभी ग्रह हों तो 'कालसर्प' दोष कहते हैं। राहू-केतु हमेशा वक्री चलते हैं तथा सूर्य चंद्रमार्गी। कालसर्प दोष अगर कुंडली में उत्पन्न हो जाए तो जल्द ही इसका उपाए ढूंढ़ना अनिवार्य हो जाता है अन्यथा जीवन में काफी आशंकाएँ और बाधाएं सामने आती जाती है |

किन राशियों के लिए ख़ास होगी ये नवरात्री और क्यों?

नवरात्रि का हर दिन माँ दुर्गा को समर्पित है, नवरात्रि के नौ दिनों तक दुर्गा माँ के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है, एवं kundali matching का अच्छा योग होता हैआदि शक्ति की आराधना का पर्व एक वर्ष में चार बार आता है।धर्म ग्रंथों एवं पुराणों के अनुसार, चैत्र नवरात्रभगवती दुर्गाजी की आराधना का श्रेष्ठ समय होता है।हिंदू पंचांग के अनुसार हिंदुओं के नव वर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्रि से होती है। माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि में भगवान राम और माँ दुर्गा का जन्म हुआ था।

क्या महत्व है राशियाँ का आपके जीवन में?

·         जानिए राशिओ का महत्व -ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तो उसी समय उसके भाग्य का फैसला उसी समय हो जाता है kundali maker द्वारा । बच्चे के जन्म के समय ही ग्रहों और नक्षत्रों से उसकी राशि का निर्धारण हो जाता है। kundali matching ज्योतिष में राशि का विशेष महत्व होता है। राशियां ही जातक के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। जातक की कुंडली में राशि का आकलन कर व्यक्ति के जीवन में उसकी सफलता और असफलता का पता चलता है। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह भी जानकारी मिलती है कि किस राशि के लोग ज्यादा भाग्यशाली होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 12 राशियों में कुछ राशियां ऐसी होती हैं जो ज्यादा भाग्यशाली और उनमें जल्दी धनवान बनने के गुण  होता है।